XXIII
2. जून. 18.. महामहिम
शहर Z
N पैदल कम्पनी के
कमांडर
की सेवा में,
इसी कम्पनी के स्टाफ कैप्टेन
दीत्स की ओर से.
रिपोर्ट
एतद् द्वारा महामहिम को सूचित करने का
सम्मान प्राप्त करता हूँ कि आज 2 जून को, आपके द्वारा कल, 1 जून को, नियत की गई
शर्तों के अनुसार लेफ्टिनेंट निकोलाएव और सेकंड लेफ्टिनेंट रोमाशोव के बीच
द्वन्द्व-युद्ध हुआ. विरोधी 6 बजने में पाँच मिनट पर ‘दूबेच्नाया’ नामक बगिया में
मिले, जो शहर से 3 ½ मील दूर है. द्वन्द्व-युद्ध, सिग्नल देने के समय को मिलाकर, 1 मिनट और 10
सेकंड चला. द्वन्द्व-युद्ध करने वालों की जगहें टॉस द्वारा नियत की गईं. “आगे बढ़” कमांड के अनुसार दोनों विरोधी एक दूसरे की ओर बढ़े; मगर लेफ्टिनेंट
निकोलाएव द्वारा दाग़ी गई गोली ने सेकंड लेफ्टिनेंट रोमाशोव के पेट के ऊपरी दाहिने
हिस्से को घायल कर दिया. गोली के जवाब के इंतज़ार में निकोलाएव उसी तरह खड़ा रहा.
जवाबी फ़ायर के लिए निर्धारित आधे मिनट के अंतराल के बाद यह पाया गया कि सेकंड
लेफ्टिनेंट रोमाशोव अपने प्रतिद्वन्द्वी को जवाब देने की स्थिति में नहीं है. इसके
फलस्वरूप सेकंड लेफ्टिनेंट रोमाशोव के गवाहों ने प्रस्ताव रखा कि द्वन्द्व-युद्ध
को ख़त्म हुआ समझा जाए. सर्वसम्मति से यह किया गया. सेकंड लेफ्टिनेंट रोमाशोव को
गाड़ी में ले जाते समय उसे ज़ोर का दौरा पड़ा और सात मिनटों के पश्चात् आंतरिक
रक्तस्त्राव के कारण वह ख़त्म हो गया. लेफ्टिनेंट निकोलाएव की ओर से गवाह थे: मैं
और लेफ्टिनेंट वासिन; सेकंड लेफ्टिनेंट रोमाशोव की ओर से गवाह थे सेकंड लेफ्टिनेंट
बेग-अगामालोव और वेत्किन. द्वन्द्व-युद्ध का निर्देशन सर्वसम्मति से मुझे सौंपा
गया. जूनियर डॉक्टर ज़्नोयको का प्रमाण पर इस पत्र के साथ संलग्न करता हूँ.
1905
स्टाफ-कैप्टेन दीत्स.
************/
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें